प्रतिक्रिया या अनुक्रिया

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आदर्श: उचित आचरण
उप आदर्श: आत्म विश्लेषण, परिस्थिति संभालना

अचानक एक तिलचट्टा कहीं से उड़ कर आया और एक महिला पर बैठ गया. मुझे आश्चर्य हुआ यदि ऐसा तिलचट्टों की परिचर्चा के फलस्वरूप हुआ था. वह महिला भयभीत होकर चिल्लाने लगी. घबराया हुआ चेहरा और काँपती हुई आवाज़ में चिल्लाती हुई, वह कूदने लगी और अपने दोनों हाथों से तिलचट्टे को स्वयं पर से हटाने की उग्र कोशिश करने लगी.panic4 महिला की प्रतिक्रिया से उसके समूह के अन्य सभी सदस्य भी व्याकुल और विक्षुब्ध हो गए. तिलचट्टे को स्वयं पर से हटाने की लगातार कोशिश के कारण अब वह तिलचट्टा एक दूसरी महिला पर जा बैठा. तिलचट्टे को स्वयं पर बैठा पाते ही दूसरी महिला ने सारा नाटक दोहराया और समस्त समूह में कोलाहल व अस्तव्यस्थता फैल गई. महिलओं की दशा देखकर रेस्टोरेंट का बैरा झटपट उनके बचाव के लिए आगे आया. तिलचट्टे से छुटकारा पाने की हड़बड़ी में अब वह तिलचट्टा बैरे पर जा गिरा. बैरा शांतचित्त व स्थिर खड़ा रहा और अपनी कमीज पर तिलचट्टे का व्यवहार गौर से देखने लगा. आश्वस्त और निश्चित होने पर उसने तिलचट्टे को पकड़ा और बाहर फेंक दिया.

कॉफ़ी का घूंट लेते हुए और सारा तमाशा देखते हुए मैं मन ही मन सोचने लगी कि क्या महिलाओं के नाटकीय व्यवहार के लिए वह तिलचट्टा जिम्मेवार था. और यदि ऐसा था तो वह बैरा क्यों नहीं व्याकुल हुआ? उसने तो सारे बवाल को बहुत ही निपुणता से संभाला.

वास्तव में सारी खलबली का कारण तिलचट्टा था ही नहीं. महिलाओं के समूह में अशांति की वजह तिलचट्टे द्वारा उत्पन्न बवाल को संभालने की उनकी अक्षमता थी.

इस घटना से मुझे भी यह अहसास हुआ कि मेरे परेशान होने की वजह मेरे पिता या मेरे प्रबंधकर्ता द्वारा मुझ पर चिल्लाना नहीं था. वास्तव में उनके चिल्लाने से उत्पन्न अशांति को संभालने की मेरी अक्षमता मुझे उत्तेजित करती है.

वास्तव में सड़कों पर यातायात जाम मुझे परेशान नहीं करता है बल्कि यातायात जाम से उत्पन्न अशांन्ति को संभालने की मेरी अक्षमता मुझे व्याकुल करती है.

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समस्या से अधिक उसके प्रति मेरी प्रतिक्रिया मुझे कष्ट देती है.

सीख:
इस घटना से मुझे समझ में आया कि जीवन में मुझे विरूद्ध प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए. मुझे सदा अनुकूल रहना चाहिए.
महिलाओं ने प्रतिक्रिया उत्पन्न की जबकि बैरा परिस्थिति के अनुकूल रहा.
प्रतिक्रिया सदा स्वाभाविक होती है जबकि अनुक्रिया सदा बौद्धिक….

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source: http://www.saibalsanskaar.wordpress.com

अनुवादक- अर्चना

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