दीवार के दूसरी तरफ

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आदर्श: उचित आचरण
उप आदर्श: ध्यान रखना, लगातार कोशिश

एक युवा महिला थी जिसे अपने फूलों के बगीचे की देखरेख व उगाई पर बहुत गर्व था. इस महिला का लालन-पालन उसकी दादी ने किया था और उन्होंने ठीक अपनी ही तरह उसे भी पौधों की देखरेख व उनसे प्रेम करना सिखाया था.

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इस कारण उसकी दादी की ही तरह उसका बगीचा भी अत्यंत उत्कृष्ट था. एक दिन जब वह महिला अपने फूलों की तालिका को उलट-पुलट रही थी तब उसकी नज़र एक पौधे की तस्वीर पर पड़ी.

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उसने ऐसे खूबसूरत फूल पहले कभी नहीं देखे थे. उसने मन ही मन सोचा, “ऐसे फूल मेरे पास होने ही चाहिए ” और उसने तुरंत वह पौधा मंगवा लिया.

पौधे के आने से पहले ही उसने बगीचे में उसके लिए स्थान तैयार रखा हुआ था. पौधा आने पर उसने उसे अपने घर के आँगन के पीछे पत्थर की दीवार के तले लगा दिया. देखते ही देखते वह पौधा बहुत ही खूबसूरती से पनपने लगा और आकर्षक हरी पत्तियों से भर गया. पर उसमें एक भी फूल नहीं खिला. वह महिला पूरे मन व मेहनत से पौधे को नियमित रूप से पानी व खाद देती रही. यहाँ तक कि पौधे को खिलने के लिए उससे मीठी बातें भी करती थी. परंतु कोई फ़ायदा नहीं हुआ.

कुछ हफ़्तों बाद एक सुबह वह फूलों की बेल के पास खड़ी होकर सोच रही थी कि उस हरी-भरी बेल में फूल न खिलने से वह कितनी निराश थी. वह इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही थी यदि उसे उस पौधे को काटकर कोई अन्य पौधा लगाना चाहिए. तभी उसकी अपाहिज पड़ोसी, जिसके घर से वह पत्थर की दीवार सांझी थी, का फ़ोन आया. ph5
“तुम्हारा बहुत-बहुत धन्यवाद. तुम सोच भी नहीं सकती कि मैंने तुम्हारी लगाई बेल के मनमोहक फूलों का कितना आनंद उठाया है.”

पड़ोसी की बात सुनकर महिला झटपट पड़ोसी के आँगन में गई और उसने बेल अति सुन्दर फूलों से भरी पाई. ऐसे आकर्षक फूल उसने पहले कभी नहीं देखे थे. महिला द्वारा लगाया हुआ पौधा धीरे-धीरे पड़ोसी के बाड़े की तरफ फैल गया था और किसी कारण से पड़ोसी की तरफ की बेल अत्यंत ख़ूबसूरत फूलों से लदी हुई थी. सिर्फ इसलिए कि हम अपनी मेहनत का परिणाम देख नहीं सकते हमें यह नहीं समझना चाहिए कि हमारा परिश्रम सफल नहीं हुआ.

सीख:
कठिन परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता है. यह आवश्यक नहीं है कि अच्छा कार्य हमेशा प्रत्यक्ष हो पर किसी न किसी रूप में उसका सकारात्मक प्रभाव ज़रूर पड़ता है. हमारा अच्छा कार्य किसी और के जीवन में अंतर ला सकता है. हमें पूरे विश्वास के साथ लगातार प्रयास करते रहना चाहिए, परिणाम अवश्य प्रत्यक्ष होगा.

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Source: http://www.saibalsanskaar.wordpress.com

अनुवादक- अर्चना

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