विकलांग राजा

 

     आदर्श: आशावाद
उप आदर्श: सकारात्मक दृष्टिकोण

एक विकलांग राजा था जिसकी एक आँख थी और केवल एक ही पैर था.

उसने अपने राज्य के सभी चित्रकारों से उसकी एक आकर्षक तस्वीर बनाने को कहा. सभी चित्रकार परेशान थे. राजा के अपूर्ण अंगों के साथ उसकी ख़ूबसूरत तस्वीर बनाने का काम कोई भी चित्रकार सफलतापूर्वक नहीं कर पा रहा था.

king2

अंततः एक चित्रकार सहमत हुआ और उसने राजा की अति उत्कृष्ट छवि बनाई.

king3

वह एक बहुत ही शानदार तस्वीर थी और सभी देखनेवाले स्तम्भित थे.

उस कलाकार ने राजा को एक शिकार की ओर निशाना लगाते हुए चित्रित किया. चित्र में राजा एक आँख बंद करके और अपनी एक टांग मोड़कर लक्ष्य साध रहा था.

king1

सीख:
चित्रकार की तरह हमें भी दूसरों का वर्णन करते समय उनकी दुर्बलताओं को छिपाते हुए उनके सदगुणों को विशिष्ट रूप से दर्शाना चाहिए.

Source: http://www.saibalsanskaar.wordpress.com

अनुवादक- अर्चना

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s