एक नेक आदमी का एक वरिष्ठ महिला को आगे बढ़कर मदद करना

 

आदर्श : सच्चाई, ईमानदारी, जिम्मेदारी, भला नागरिक

यह घटना दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य के मंगलौर नामक शहर की है. यह घटना एक ऑटोरिकशा चालक की अच्छाई की है जिसके लिए मंगलौर शहर के अल्पसंख्यक जापानी समुदाय अत्यन्त आभारी है.news2

हाल ही में ६१ वर्षीय मकी मतसुरा, जो शहर में पिछले छह महीनों से रह रहीं थीं,news1 अपना बटुआ एक ऑटोरिकशा में भूल गईं थीं. श्रीमती हारुका इतो, जो विशु मार्शल आर्ट की विशेषज्ञ तथा शहर में उनकी अभिभावक थीं, ने इस घटना का बयान करते हुए बताया कि बटुया गुम जाने पर श्रीमती मतसुरा ने घबराकर अपने सभी जापानी जानकारों को संपर्क किया.

इतो ने बताया, “जब तक श्रीमती मतसुरा अपने जानकारों को संपर्क कर रहीं थीं, उतनी देर में वाहन चालक का उनके मोबाइल पर फ़ोन आ गया. भाषा का अंतर होने के कारण श्रीमती मतसुरा कुछ भी समझ नहीं पाईं. उनके आस-पास के लोगों ने वाहनचालक की बात का अनुवाद करके उन्हें चालक की बात समझाई” .

जब तक उनके जापानी दोस्त घटनास्थल तक पहुँचे, उतनी देर में वाहनचालक ने श्रीमती मतसुरा को ढूँढ़कर उनका बटुआ उन्हें वापस लौटा दिया. इतो ने कहा, “चालक ने श्रीमती मतसुरा द्वारा दिए गए पुरस्कार के पैसे लेने से भी इंकार कर दिया.”

news3

इस गुमनाम नेक व्यक्ति ने यह सब अपने शहर को एक अच्छा नाम देने के लिए किया था. प्रेस को दिए एक खुले पत्र में इतो ने कहा, “जिस प्रकार धोखेबाज़ी की एक छोटी सी घटना शहर की छवि को नष्ट कर देती है उसी प्रकार अच्छाई का एक छोटा सा काम भी लोगों तथा देश के प्रति सद्भावना का प्रचार कर सकता है. मंगलौर शहर की सबसे महत्त्वपूर्ण पूँजी यहाँ के लोगों की ख़ूबसूरत विचारधारा है.”

सौजन्य : ‘हिन्दू’ अखबार

source: http://www.saibalsanskaar.wordpress.com

अनुवादक- अर्चना

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s