बिक्री के लिए पिल्ले

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आदर्श : उचित आचरण
       उप आदर्श : सहानुभूति

एक किसान के पास कुछ पिल्ले थे जिन्हें वह बेचना चाहता था. पिल्लों का प्रचार करने के लिए किसान ने एक साईन बोर्ड पर रंग लगाया और उसे अपने बाड़े की सीमा पर गाड़ने के लिए कील ठोकने लगा. जब वह आखिरी कील ठोक रहा था, उसे अपनी पोशाक पर खींचाव महसूस हुआ. किसान ने वहाँ एक नन्हें बालक को खड़ा पाया.

“महाशय,” उसने कहा, “मैं आपका एक पिल्ला खरीदना चाहता हूँ?”
अपनी गर्दन से पसीना पोंछते हुए किसान ने कहा, “आह! यह पिल्ले बहुत बेहतरीन नसल के हैं और बेशकीमती हैं.”

लड़के ने क्षणभर के लिए सिर नीचे किया. और फिर अपनी जेब में से कुछ सिक्के निकालकर किसान को दिखाते हुए बोला, “मेरे पास ३९ सेंट्स हैं. एक झलक देखने के लिए क्या इतने पैसे काफ़ी हैं?”

“अवश्य”, किसान ने उत्तर दिया.
और तब किसान ने एक सीटी बजाई, “अरे डॉली! ” उसने बुलाया.

किसान के बुलाते ही डॉली भागते हुए बाहर आई.puppy3 उसके पीछे-पीछे चार छोटे रोएँ के गोले भी आए. बाड़ की जंज़ीरों के सहारे अपना चेहरा दबाकर, नन्हा लड़का पिल्लों का इंतज़ार कर रहा था. पिल्लों को देखते ही उसकी आँखें खुशी से झूम उठीं.

जैसे ही कुत्ते घेरे तक पहुँचे,नन्हें बालक ने कुत्तों के घर के अंदर कुछ हलचल देखी. आखिरकार लड़के को एक अन्य छोटी-सी गेंद दिखाई दी; यह पिल्ला स्पष्ट रूप से कुछ अधिक छोटा था. puppy4वह रैंप पर फिसला और फिर कुछ बेढ़ंगे तरह से लंगड़ाकर अन्य पिल्लों की ओर चलने लगा.

“मुझे वह पिल्ला चाहिए” , छोटू की तरफ इशारा करते हुए नन्हें बालक ने कहा.
किसान लड़के के बगल में घुटने के बल बैठकर बोला, “बेटा, तुम वह पिल्ला मत लो. इन अन्य कुत्तों के समान वह तुम्हारे साथ कभी भी भाग व खेल नहीं पाएगा.”

किसान के ऐसा बोलते ही लड़का बाड़ से पीछे हटा, नीचे झुका और अपनी पैंट एक तरफ से ऊपर उठाने लगा. किसान ने देखा कि लड़के की दोनों टांगें एक स्टील के घेरे में थीं. यह स्टील का घेरा एक विशेष रूप से बने जूते से जूड़ा हुआ था.puppy5 किसान की तरफ देखकर नन्हा लड़का बोला,     “देखिये महाशय, मैं खुद भी बहुत अच्छे से भाग नहीं पाता हूँ. उस पिल्ले को कोई ऐसा चाहिए होगा जो उसे समझ सके.”puppy6

सीख :
हमारा रवैया हमदर्दी का होना चाहिए. संसार में बहुत सारे लोग हैं जिन्हें ऐसे लोगों की ज़रुरत है जो उन्हें समझ सकें. ऐसे लोगों के प्रति विचारशील व उदार भाव, उन्हें उनका स्वाभिमान व आत्मविश्वास पुनः हासिल करने में मदद करेगा.

http://www.saibalsanskaar.wordpress.com

अनुवादक- अर्चना

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