सबके साथ अच्छा व्यवहार करो, सबसे प्रेम करो

आदर्श : प्रेम
 उप आदर्श : अनुकम्पा

बहुत समय पहले, सैमी नाम का एक छोटा लड़का था. सैमी हर तरह से एक अच्छा बच्चा था- वह पढ़ाई में अच्छा था,sammy1अपने माता-पिता का आज्ञाकारी था, अपनी कक्षा के बहुत से अन्य बच्चों से अधिक बुद्धिमान था sammy2 और सबके प्रति दयालु था. छोटे-बड़े सभी सैमी से बेहद प्यार करते थे. इस कारण कुछ अन्य लड़के, जो सैमी की तरह सबसे प्यार पाना चाहते थे, सैमी से नफरत करते थे.

सैमी की कक्षा में टिम्मी नाम का एक लड़का पढ़ता था. सैमी के विपरीतsammy3, वह पढ़ाई में अच्छा नहीं था और स्कूल के दौरान सदा खेलना पसंद करता था. वह अपने माता-पिता के साथ बुरा व्यवहार करता था, अपने सहपाठियों को धौंस दिखाता था sammy5और सैमी के साथ भी दुर्व्यवहार करता था. कक्षा में अन्य बच्चों के सामने वह हमेशा सैमी को नीचा दिखाने की       कोशिश करता था. पर उसकी हर कोशिश के बावजूद, सैमी के ग्रेड निरंतर बेहतर होते गए. सैमी को सभी तरफ- पढ़ाई, खेल-कूद sammy4तथा अपने सहपाठियों, से शाबाशी मिलनी जारी रही.

सैमी के माता-पिता ने सैमी को उसके आँठवे जन्मदिन पर एक ख़ूबसूरत कलम तोहफ़े में दीsammy6. सैमी अपनी नई कलम स्कूल लेकर आया ताकि वह कक्षा में उससे लिख सके.यह एक अत्यंत सुन्दर कलम थी और बहुत तेज़ लिखने में मदद करती थी. जब टिम्मी ने कलम देखी तो उसे सैमी से और अधिक ईर्ष्या हुई.

उसने सैमी से पूछा, “अरे! तुम्हें यह कहाँ से मिली? तुमने यह कलम खरीदी है?”
“मेरे माता-पिता ने मुझे यह मेरे जन्मदिन पर उपहार में दी है,” सैमी ने उत्तर दिया.

टिम्मी भीषण गुस्से व जलन से बेहाल हो गया.sammy7 चूँकि वह एक शरारती बच्चा था, उसे अपने माता-पिता से उपहार कभी-कभार ही मिलते थे. उसने सैमी की कलम चुराने का निश्चय किया. मध्यावकाश के दौरान जब सारे बच्चे कक्षा से बाहर गए तब टिम्मी ने सैमी के बस्ते में से कलम निकाल ली. कलम को अपने बस्ते में छुपाकर वह टिफ़िन खाने चला गया.

जब सैमी वापस आया और उसे अपनी कलम नहीं मिली तो उसने इस बारे में अध्यापक को बताया. लापता कलम के लिए तलाश शुरू हुई sammy8और कक्षा अध्यापक ने कक्षा के मॉनिटर को सबके बस्तों की तलाशी लेने का आदेश दिया. जल्द ही, टिम्मी के बस्ते में से लापता कलम मिल गई. क्रोधित अध्यापक ने टिम्मी से पूछा, “अब तुम्हें इस बारे में क्या कहना है?”
टिम्मी की आँखें भर आईं और उसके पास कहने को कुछ नहीं था.sammy9

टिम्मी को रोते देखकर सैमी को उसपर दया आई. सैमी एक उदार लड़का था और अपने सहपाठी के प्रति उसके मन में कोई बुरा भाव नहीं था. सैमी ने अध्यापक से आग्रह किया कि अब जब कलम मिल गई है तो वह टिम्मी को सज़ा न सुनाएँ.

टिम्मी को अहसास हुआ कि सैमी कितना अच्छा लड़का था और उसने अपने अध्यापक तथा सैमी से क्षमा माँगी. उस दिन से वह सैमी का दोस्त बन गया और धीरे-धीरे उसने स्वयं को सैमी के समान अच्छा बना लिया.sammy10 सभी टिम्मी से भी प्यार करने लगे और सैमी को अपने नए दोस्त पर गर्व था.

चोट पहुँचने के बावजूद सैमी ने बदले में केवल प्यार ही दिया. अपने दुश्मनों से भी हमें इसी प्रकार पेश आना चाहिए. क्या पता हमारे व्यवहार से किसी में अच्छे के लिए बदलाव आ जाए?

सीख :

हमें सबके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए. यदि कोई हमें हानि भी पहुँचाए तो भी हमें उन्हें हानि नहीं पहुँचानी चाहिए.

http://www.saibalsanskaar.wordpress.com
अनुवादक- अर्चना

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s