हम गुस्से में चिल्लाते क्यों हैं

आदर्श : शान्ति
उप आदर्श : ठहराव, शांत

एक हिन्दू साधु गंगा नदी पर नहाने गए. उन्हें नदी के किनारे एक परिवार के सदस्यों का समूह मिला saintजो एक दूसरे पर चिल्ला रहे थे. साधु अपने शिष्यों की ओर मुड़े, मुस्कुराये और बोले,

“लोग गुस्से में एक दूसरे पर चिल्लाते क्यों हैं?”
शिष्यों ने कुछ पल सोचा और तब उनमें से एक ने कहा, “हम अपनी स्थिरता खो देने के कारण चिल्लाते हैं.”
“पर जब दूसरा व्यक्ति तुम्हारे बिलकुल पास है तो तुम्हें क्यों चिल्लाना चाहिए? तुम्हें जो कहना है वह तुम मधुर तरीके से भी कह सकते हो.”
शिष्यों ने कुछ अन्य उत्तर दिए परन्तु कोई भी संतोषजनक नहीं था.

अंततः ऋषि ने समझाया,
“जब दो लोग एक दूसरे से नाराज़ होते हैं तो उनके दिलों में बहुत फ़ासला आ जाता है. उस दूरी को तय करने के लिए उन्हें चिल्लाना पड़ता हैsaint1 ताकि वे एक दूसरे को सुन सकें. वे जितना अधिक गुस्सा होते हैं, उतना ही उन्हें वह लंबा फ़ासला तय करने के लिए और अधिक ज़ोर से चिल्लाना पड़ता है.

जब दो लोगों में प्यार होता है तो क्या होता है? वे एक दूसरे पर चिल्लाते नहीं हैं बल्कि मधुरता से बात करते हैंsaint3 क्योंकि उनके दिल बहुत करीब होते हैं. उनके बीच दूरी या तो बहुत कम या फिर बिलकुल नहीं होती है…”

ऋषि आगे बोले, “जब वे एक दूसरे से और अधिक प्रेम करते हैं तो क्या होता है? वे बात नहीं करते हैं, केवल फुसफुसाते हैं और अपने प्रेम में एक दूसरे के और अधिक नज़दीक आ जाते हैं. अंत में उन्हें फुसफुसाने की भी ज़रुरत नहीं पड़ती है और वे केवल एक दूसरे को देखते हैं. दो व्यक्ति जब आपस में प्रेम करते हैं तो वे इस प्रकार नज़दीक होते हैं.”

उन्होंने अपने शिष्यों को देखा और बोले,
“अतः तुम जब बहस करो तो अपने दिलों को दूर मत होने दो. ऐसे शब्द मत बोलो जो आपसी फासले और बढ़ाते हैं. अन्यथा एक दिन ऐसा आएगा जब फ़ासले इतने बढ़ जायेंगें कि तुम उन्हें कभी मिटा नहीं पाओगे.saint2

सीख:

जब गुस्सा आए तो सबसे अच्छा तरीका है कि हम चुप रहें. गुस्से में बोले गए हमारे शब्द दूसरे व्यक्ति पर कभी न सुधरने वाली छाप छोड़ सकते हैं. क्रोध हमें अपने प्रियजनों से दूर ले जाता है.

http://www.saibalsanskaar.wordpress.com

Translation : अर्चना

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s