स्वर्ण मछली का कटोरा

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            आदर्श : उचित आचरण
       उप आदर्श : दूसरों के लिए सहानुभूति

नौ साल का एक बच्चा अपनी मेज़ पर बैठा हुआ है और अचानक उसे अपने पैरों के बीच कुछ महसूस होता है और उसकी पतलून गीली हो जाती है. वह कल्पना भी नहीं कर पाया कि ऐसा कैसे हुआ और उसे लगा कि उसका दिल धड़कना बंद कर देगा.

ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था और उसे मालूम था कि अगर दूसरे लड़कों को यह पता चल गया तो वे उसे सदा परेशान करते रहेंगें.f bowl2 जब लड़कियों को मालूम चलेगा तो वे उससे आजीवन बात नहीं करेंगीं.f bowl3

उस लड़के को लगता है कि उसका दिल रूकने वाला है, वह अपना सर नीचे करता है और प्रार्थना करता है- “प्रिय भगवान, यह आपातकाल है! मुझे अभी मदद चाहिए! अब से पाँच मिनट में मेरी मृत्यु निश्चित है.”

प्रार्थना के बाद जब वह सर ऊपर उठाता है तो वह देखता है कि अध्यापिका उसकी ओर ही आ रहीं थीं और उसे इस प्रकार देख रहीं थीं मानो उन्हें पता चल गया हो.

जैसे वह अध्यापिका उस लड़के की ओर बढ़ रहीं हैं तभी सुज़ी नामक एक सहपाठी पानी से भरा स्वर्ण मछली का कटोरा लेकर वहाँ से गुज़रती है.f bowl1 सुज़ी अध्यापिका के समक्ष लड़खड़ा जाती है और अकारण पानी का कटोरा लड़के के गोद में उलट देती है.

लड़का नाराज़ होने का नाटक करता है परन्तु स्वयं से बोलता रहता है, “शुक्रिया भगवान! शुक्रिया भगवान!”

अब एक दम से उपहास का विषय बनने के बजाय, लड़का सहानुभूति का विषय बन जाता है. अध्यापिका उसे तुरंत नीचे लेकर जातीं हैं और जब तक उसकी पतलून सूखती है उसे एक अन्य जाँघिया पहनने के लिए देतीं हैं. अन्य सभी बच्चे उसके मेज़ के आसपास सफाई करने में जुट जाते हैं. हमदर्दी कमाल की है. पर दुर्भाग्यवश, हँसी जो उस लड़के की उड़नी चाहिए थी, सुज़ी के हवाले हो गई.

सुज़ी मदद करने की कोशिश करती है पर सब उसे बाहर जाने को कहते हैं. “तुमने काफी कर दिया है, मूर्ख लड़की!” अंततः दिन समाप्त होने पर जब सभी बस का इंतज़ार कर रहे थे, वह लड़का सुज़ी के निकट गया और फुसफुसाया, “तुमने वैसा जानबूझकर किया था ना?”
सुज़ी ने धीरे से वापस बोला, “मैंने भी एक बार अपनी पतलून गीली की थी.”

       सीख:

काश भगवान हमें अच्छा करने के अवसरों, जो सदा हमारे आस-पास हैं, को देखने में हमारी सहायता करें. मदद सदा करो, चोट कभी न पहुँचाओ. सदैव दूसरों की मदद करने की कोशिश करो खासकर अगर तुम भी ऐसी कठिनाइयों से गुज़रे हो.

http:://www.saibalsanskaar.wordpress.com

Translation :अर्चना

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