सही योजना

             आदर्श : सत्य
        उप आदर्श: सब कुछ अच्छे के लिए होता है, स्वीकरण

मुल्ला नसरुदीन के बारे में एक कहानी    mulla2

एक गर्म दिन, मुल्ला नसरुदीन अखरोट के पेड़ की छाया में आराम कर रहे थे. mulla resting इधर- उधर देखते हुए जल्द ही उनकी नज़र पास की छत पर गई, जहाँ एक कोमल बेल पर विशाल संतरी कद्दू उग रहे थे. mulla pumpkin फिर उन्होंने अपने ऊपर देखा और ऊपर पेड़ पर छोटे गोल अखरोट देखे.mulla1

 

“वाह! “, उन्होंने खुद से कहा. “प्रिय प्रभु, मैं इससे बेहतर योजना कर सकता था. इस विराट वृक्ष पर छोटे गोल अखरोट और इतने बड़े कद्दू उस नाज़ुक बेल पर. इसकी कोई तुक नहीं बनती. ”

उन्होंने एक लम्बी सांस ली, अपनी टाँगे फैलाई और एक छोटी सी झपकी के लिए आँखें बंद कर लीं. चंद लम्हों बाद, वे चौंककर उठे. ऊपर पेड़ से एक छोटा हरा अखरोट उनके सर पर आ गिरा था. वे सीधे होकर बैठे, अपनी दाढ़ी सहलाई और प्रार्थना के लिए अपने हाथ उठाए. “आपके तौर- तरीकों पर प्रश्न करने के लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूँ, प्रिय भगवान! आखिरकार आपको सब मालूम है. सोचो मेरा क्या हाल होता अगर इस पेड़ पर कद्दू उग रहे होते. ”

सीख :

अक्सर हमें पता नहीं होता है कि हमारे लिए क्या सर्वश्रेष्ठ है. हमें हमेशा लगता है कि जो हमारे पास नहीं है शायद वह हमारे लिए अच्छा है. ईश्वर सर्वज्ञाता हैं. हमें सदा सर्वोत्तम कार्य करना चाहिए और बाकी उन पर छोड़ देना चाहिए. परिणाम हमारे पक्ष में हो या न हो परन्तु जिसे हम बदल नहीं सकते, उसे स्वीकार करना ही सबसे अच्छा है. सबकुछ किसी कारणवश ही होता है, जो हमें तुरंत मालूम नहीं पड़ता है. सबमें हमारे लिए सीख होती है.

http://www.saibalsanskaar.wordpress.com

translation by : अर्चना

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