विश्वास के चमत्कार

          आदर्श : सत्य
     उप आदर्श : विश्वास

एक लड़की अपनी दोस्त के घर गई और वहाँ कुछ देर ज़्यादा ठहर गई. उसे घर अकेले आना था. हालाँकि रात का समय था पर वह भयभीत नहीं थी क्योंकि उसका घर छोटे से समुदाय में था और कुछ घर छोड़ कर ही था.

जैसे वह साइकिल के मार्ग पर चल रही थी, girl aloneडीएन ने भगवान से प्रार्थना की कि वे उसे हानि व संकट से सुरक्षित रखें. जब वह अंधकार युक्त व एकांत गली पर पहुँची तो उसने वहाँ से जाने का निश्चय किया क्योंकि वह उसके घर जाने का छोटा रास्ता था. परन्तु आधे रास्ते पहुँचने पर उसने गली के छोर पर एक आदमी को खड़े पाया, मानो वह उसका इंतज़ार कर रहा हो. वह बेचैन हो गई और ईश्वर से अपनी सुरक्षा की प्रार्थना करने लगी.girl alone1

उसी क्षण उसे अपने इर्द-गिर्द शान्ति व सुरक्षा का अहसास हुआ. उसे लगा जैसे कोई उसके साथ चल रहा है. जब वह गली के छोर पर पहुँची तो उस आदमी के आगे से गुज़र कर सुरक्षित घर पहुँच गई.

अगले दिन उसने अखबार में पढ़ा कि उस गली से उसके गुज़रने के २० मिनट बाद, वहाँ एक युवती का बलात्कार हुआ था. इस दुर्घटना से अभिभूत होकर वह रोने लगी, यह सोचकर कि ऐसा उसके साथ भी हो सकता था. अपनी सुरक्षा के लिए उसने प्रभु का धन्यवाद किया और उस युवती की मदद करने के लिए थाने जाने का निश्चय किया.

उसे लगा कि वह उस आदमी को पहचान सकती है अतः उसने पुलिस को अपनी कहानी बताई. पुलिस ने उससे पूछा यदि वह कतार में खड़े लोगों को देखकर, उस आदमी को पहचानने में उनकी मदद करना चाहेगी.

वह सहमत हो गई और उसने तुरंत उस आदमी को पहचान लिया. जब उस आदमी को बताया गया कि उसकी पहचान हो गई है, वह फौरन रो पड़ा और उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली.

अफसर ने डीएन को उसकी बहादुरी के लिए धन्यवाद दिया और पूछा यदि वे उसके लिए कुछ कर सकते हैं. डीएन ने पूछा अगर वे उस व्यक्ति से एक प्रश्न कर सकते हैं. डीएन यह जानने को उत्सुक थी कि उस व्यक्ति ने डीएन पर हमला क्यों नहीं किया था?

जब पुलिसवाले ने उससे पूछा, उसने उत्तर दिया, “क्योंकि वह अकेली नहीं थी. उसके दोनों ओर दो लम्बे आदमी चल रहे थे.”

सीख:

विश्वास पहाड़ों को भी हिला देता है. अगर हमे दृढ़ विश्वास है कि भगवान हमारे साथ हैं तो वे निश्चित ही हमारी रक्षा करेंगे. वे कभी हमें अकेला नहीं छोड़ेंगे. वे सदैव हममें हैं और हमें आतंरिक शक्ति देते हैं. हमें भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए कि जब भी जीवन में हमारा मुसीबत व आपत्ति से सामना हो तो वे हमें आतंरिक शक्ति दें. दृढ़ विश्वास तथा श्रद्धा हमें विभिन्न विपत्तियों से बचा सकते हैं.

Translation: अर्चना

http:://saibalsanskaar.wordpress.com

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s