गाय और सूअर

cowpig

आदर्श: उचित आचरण
उप आदर्श: सामयिक मदद

एक बार एक बहुत धनी पर अति कंजूस व्यक्ति था. उसकी कंजूसी के कारण गाँव वाले उसे बेहद नापसंद करते थे.

गाँव वालों के रवैये से उदास होकर, एक दिन उसने उनसे कहा, “तुम मुझसे ईर्ष्या करते हो और पैसे के लिए मेरे प्रेम को नहीं समझते- केवल ईश्वर ही जानते हैं. पर मैं इतना जानता हूँ कि तुम मुझे नापसंद करते हो. जब मैं मर जाऊँगा, मैं अपने साथ कुछ नहीं लेकर जाऊँगा. मैं सब दूसरों के लिए छोड़ दूँगा. मैं एक वसीयतनामा बनाऊँगा और सब कुछ दान में दे दूँगा. तब तुम सब खुश हो जाओगे.”

उसपर भी लोगों ने उसका मज़ाक उड़ाया और उसपर हँसे. अमीर आदमी ने उनसे कहा, ” क्या बात है? मेरा धन दान में जाते हुए देखने के लिए क्या तुम कुछ वर्ष इंतज़ार नहीं कर सकते?”

गाँव वालों को उसपर विश्वास नहीं हुआ. उसने आगे बोला, “तुम्हें लगता है कि मैं अविनाशी हूँ? अन्य सभी लोगों के समान मेरी भी मृत्यु होगी और तब मेरा धन, दान में जाएगा.”

वह गाँव वालों के दृष्टिकोण पर हैरान था.

एक दिन वह घूमने निकला. अचानक मूसलाधार बारिश शुरू होने के कारण उसने एक विशाल वृक्ष के नीचे पनाह ले ली. वहाँ एक गाय और सूअर भी थे. गाय और सूअर में बातचीत शुरू हो गयी और उसने उनकी बातें सुनीं.

सूअर ने गाय से पूछा, “ऐसा क्यों है कि सभी तुम्हारी सराहना करते हैं पर मेरी प्रशंसा कोई भी नहीं करता? मरने के बाद मैं लोगों को मांस और कबाब देता हूँ. लोग मेरे बाल भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मैं लोगों को तीन-चार चीज़ें देता हूँ जबकि तुम केवल एक चीज़ देती हो- दूध.cow1 हर समय लोग तुम्हारी ही प्रशंसा क्यों करते हैं पर मेरी नहीं?”

गाय ने उत्तर दिया, “देखो, मैं जीवित रहते हुए दूध देती हूँ. लोग देखते हैं कि मेरे पास जो भी है मैं उसमें उदार हूँ. पर तुम अपने जीवनकाल में लोगों को कुछ नहीं देते. तुम अपनी मृत्यु के बाद ही उन्हें मांस इत्यादि देते हो. लोग भविष्य में विश्वास नहीं करते हैं ; वे वर्त्तमान में विश्वास रखतें हैं. अगर तुम जीवित रहते हुए दोगे तो लोग तुम्हें भी सराहेंगे. यह साधारण सी बात है.”

उस पल से वह अमीर व्यक्ति दानशील बन गया और अपने गाँव के गरीब व ज़रूरतमंद लोगों की सहायता करने लगा करने लगा.

        सीख:

समय पर की गई छोटी सी मदद भी, अनावश्यक या व्यर्थ में की गई सहायता से बेहतर है. सामयिक सहायता किसी ज़रूरतमंद की ज़िन्दगी में सचमुच अंतर ला सकती है.

Courtesy- http://timyrna.com/tpedrosa/lessonfromcowandpig.htm

http://saibalsanskaar.wordpress.com

Tanslation- Archana

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